समाज से संवाद : छग कूर्मि क्षत्रिय चेतना मंच गांवों में स्वसमाज के कमजोर लोगों का कराएगा सर्वे
कूर्मि क्षत्रिय समाज के युवाओं व किसानों के उत्थान के लिए कार्य करेगा चेतना मंच
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समाज सेतु
बिलासपुर @ पत्रिका. छत्तीसगढ़ कूर्मि क्षत्रि चेतना मंच की प्रांतीय इकाई का गठन कर दिया गया है। शीघ्र ही जिला व गांव स्तर तक यूनिट का गठन किया जाएगा। गांवों में रहने वाले कूर्मि समाज के लोगों के आर्थिक, शैक्षणिक व सामाजिक उत्थान के लिए सर्वे कराया जाएगा। उनके उत्थान के लिए गांवों में ही कॅरियर निर्माण व उन्नति कृषि के लिए विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह जानकारी मंच के प्रांतीय पदाधिकारियों ने सोमवार को सायं पत्रिका कार्यालय में आयोजित 'समाज से संवाद कार्यक्रम में दी।
कूर्मि समाज के आर्थिक, शैक्षणिक व सामाजिक उत्थान के लिए करेगा कार्य...
छत्तीसगढ़ कूर्मि क्षत्रिय चेतना मंच के संरक्षक डॉ. हेमंत कौशिक ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के सात-आठ साल पहले 18 अप्रैल, 1993 को ही छत्तीसगढ़ कूर्मि क्षत्रिय चेतना मंच का गठन किया गया। नए छत्तीसगढ़ राज्य के गठन में मंच ने बढ़चढ़ कर योगदान दिया। राज्य की स्थापना के बाद से मंच द्वारा कूर्मि समाज के शैक्षणिक, आर्थिक व कार्य किया जा री है। उच्च शिक्षा के लिए युवाओं को जहां प्रेरित किया जा रहा है वहीं किसानों को कृषि से संबंधित वैज्ञानिक व तकनीकी जानकारी के लिए वर्कशाप भी आयोजित किए जा रहे हैं ।
कूर्मि समाज के विविध संस्कारों के लिए दिया जा रहा पुरोहितों को प्रशिक्षण
मंच के सलाहकार इं.पाटनवार ने बताया कि कूर्मि समाज में परम्परागत संस्कारों को पूर्ण कराने के लिए स्व समाज के लोगों को ही वैदिक रीति से संस्कार संपन्न कराने के लिए पुरोहित का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कूर्मि चेतना पंचांग का भी निर्माण किया गया है। समाज के 9 पुरोहित छत्तीसगढ़ के साथ ही दूसरे प्रदेशों में शादी-ब्याह सहित अन्य संस्कार सम्पन्न कराने के लिए जाने लगे हैं। कूर्मि चेतना मंच का उद्देश्य ही समाज में व्याप्त रूढ़िवादी परम्परा को समाप्त करना है। समाज में व्याप्त मृतक भोज को समाप्त करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। समाज के लोगों ने मृतक भोज का आयोजन बड़े स्तर पर न कर अब अत्यंत छोटे पारिवारिक स्तर पर इसका आयोजन करना शुरू कर दिया है।
उन्नत कृषि के लिए स्व समाज के किसानों को दिलाएगा वैज्ञानिक व तकनीकी प्रशिक्षण....
मंच के प्रांतीय सचिव देवनारायण कश्यप ने बताया कि गांवों में कूर्मि समाज के लोग अधिक निवास करते हैं। ज्यादातर लोग कृषि से जुड़े हैं। कूर्मि समाज के साथ ही अन्य पिछड़ी जाति के लोगों को उन्नति कृषि की जानकारी देने के लिए कृषि वैज्ञानिकों के में की जाएगी जिससे वे लाभान्वित हो सकें। इसके साथ ही गांवों में रहने वाले युवकों को उच्च शिक्षा के लिए भी प्रेरित किया जाएगा। आईएएस सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग के लिए बाहर से विशेषज्ञ भी बुलाए जाएंगे।
राजनीतिक लीडरशिप करेगा विकसित...
मंच के सलाहकार इं. सिद्धेश्वर पाटनवार ने कहा कि मंच के गठन के पहले छत्तीसगढ़ में कूर्मि समाज के 25 से ज्यादा उपजातियों में विभक्त था। एक दूसरे के बीच वैवाहिक रिश्ते भी कायम नहीं होते थे। मंच ने सबसे पहले इनको एकसूत्र में पिरोने का कार्य किया। समाज के लोगों को प्रशिक्षित कर उनमें राजनीतिक लीडरशिप भी विकसित किया जाएगा।
कूर्मि समाज में दहेज प्रथा नहीं
कूर्मि चेतना मंच के प्रतिनिधियों ने बताया कि कूर्मि समाज में दहेज प्रथा जैसी कोई समस्या नहीं है। मंच द्वारा युवक-युवती परिचय सम्मेलन भी आयोजित किया जाता है। इसके जरिए भी समाज में चेतना आएगी। समाज में व्याप्त अशिक्षा जैसेजैसे दूर होगी, तमाम समस्याएं खुद ही समाप्त हो जाएंगी।
ये थे उपस्थित
छत्तीसगढ़ कूर्मि क्षत्रिय चेतना मंच के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष एवं सलाहकार इं. सिद्धेश्वर पाटनवार, पूर्व प्रांताध्यक्ष एवं संरक्षक डॉ. हेमंत कौशिक, नवनियुक्त प्रांताध्यक्ष इं.लक्ष्मी गहवई, प्रांतीय सचिव देवनारायण कश्यप एवं प्रांतीय कोषाध्यक्ष देवी चंद्राकर उपस्थित थे।
बहुत अच्छा..
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